
नई दिल्ली. ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करवाने की जिम्मेदारी ट्रैफिक पुलिस की है. पुलिस वाहनों को जांच के लिए रोक सकती है. नियम का उल्लंघन करने पर चालान कर सकती है और वाहन को इंपाउंड भी कर सकती है. यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए वाहन चालकों से नियम पालन कराने के लिए यह सब जरूरी भी है. चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी कुछ ऐसे काम भी करते हैं, जिन्हें करने की कानून उन्हें इजाजत नहीं देता. जबरदस्ती गाड़ी की चाबी निकालना या फिर टायरों की हवा निकाल देना ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए आम बात है. लेकिन, क्या क्या ट्रैफिक पुलिस को ऐसा करने का अधिकार है? कानून के अनुसार, इसका जवाब ‘ना’ है.
किसी भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी को वाहन की चाबी निकालने या टायर की हवा निकालने का अधिकार नहीं है. आपसे अपना ड्राइविंग लाइसेंस, व्हीकल रजिस्ट्रेशन पेपर, इंश्योरेंस और प्रदूषण (PUC) सर्टिफिकेट जैसे कागजात दिखाने को भी कहा जा सकता है. यदि कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी ऐसा करता है, तो यह कानून का उल्लंघन है और आप उनके खिलाफ शिकायत कर सकते हैं. लेकिन, अब भी लोग जानकारी के अभाव में ये सब मनमानियां सहते हैं.
क्या कहता है कानून?
भारतीय मोटर वाहन अधिनियम 1932 के अनुसार, केवल असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) रैंक या उससे ऊपर के अधिकारी ही यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालान काट सकते हैं. एएसआई, सब-इंस्पेक्टर, और इंस्पेक्टर को ही मौके पर जुर्माना लगाने का अधिकार है. ट्रैफिक कांस्टेबल या होम गार्ड तो गाड़ी का चालान ही नहीं काट सकते. गाड़ी की आरसी न होने पर वाहन को जब्त किया जा सकता है, लेकिन जबरदस्ती चाबी छीनने या हवा निकालने की अनुमति भारतीय मोटर वाहन अधिनियम किसी को नहीं देता.
चालान के लिए जरूरी नियम
ट्रैफिक पुलिसकर्मी आप पर सिर्फ तभी जुर्माना लगा सकता है जब उसके पास एक चालान बुक या ई-चालान मशीन हो. इनमें से किसी भी चीज के बिना वह वाहन चालक से चालान के नाम पर जुर्माना नहीं वसूल सकता. ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी का वर्दी में रहना भी जरूरी है. अगर ट्रैफिक पुलिस सिविल ड्रेस में है तो वाहन चालक उनका आईडी कार्ड दिखाने को भी कह सकते हैं.
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FIRST PUBLISHED : December 28, 2024, 13:59 IST



